राष्ट्पति शक्तिया
राष्ट्पति की शक्तिया अनुच्छेद
Thursday, March 26, 2020
कर्मधारय समास
1.कर्मधारय समास में दूसरे पद की र्पधानता होती है ॥ 2.कर्मधारय समास में एक पद विशेषण तथा दूसरा विशेष्य या उपमान-उपमेय संबंध रहता है ॥ 3.कर्मधारय समास जहा उपमा व रूपक अंलकार होते है ॥वहाँ होता है ।विर्गह करने पर ,रूपी,शब्द भी र्पयुक्त होता है ॥ 4 कर्मधारय समास में एक पद विशेषण होता है ॥ उदाहरण- मंदबुध्दि , नीलकमल सुमति कुपुत्र आदि ॥
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
हनुमान वर्त कथा
भारत शासन अधिनियम 1909,1919,1935
1909 का मारत परिषद् अधिनियम:- यह भारत के संवैधानिक विकास की दिशा में अगला कदम था। इसके जन्मदाता भारत सचिव मार्ले तथा गर्वनर जनरल लार्ड मि...
राष्टपति की शक्तिया
-
कुछ समय बाद बार्मण वन से घर आया । उसने उस बालक देखकर कहा यह बालक किसका है । तो बार्मणी ने वर्त वाली सारी बात बता दी । पत्नी कि बात छल से भरी...
-
ऊँट महोत्सव-बीकानेर,मरू महोत्सव-जैलमेर,हाथी महोत्सव-जयपुर,मेवाङ महोत्सव-उदयपुर,र्गीष्म महोत्सव-माउन्ट आबू मारवाङ महोत्सव-जोधपुर शेखावाटी महो...
-
1.लेगवेज हिन्दी 2.सेकेण्ड लेगवेज संस्र्कत 3.मनोविग्यान 4.गणित 5.पर्यावरण ॥ 5 विषय् का सेलेबस है । पत्र्येक विषय से 30 र्पशन आएगें । कुल पूर्...
No comments:
Post a Comment