राष्ट्पति शक्तिया
राष्ट्पति की शक्तिया अनुच्छेद
Saturday, March 28, 2020
व्दिगु समाज
व्दिगु समाज का पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है ओर सम्पूर्ण पद समूह का बोध होता है । अन्य अर्थ का नहीं । 2.इसका विर्गह करने पर समूह या समाहार शब्द र्पयुक्त होता है । 3.बहुर्वीहि समाज में भी कभी -कभी पहला पद संख्या वाचक होता हैं किन्तु समस्त पद वहाँ समूह का बोध नहीं कराता । उदाहरण - एकांकी , सप्तर्षि , इकठट्ठा , इकलोता पंचवटी आदि ॥
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राष्टपति की शक्तिया
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