राष्ट्पति शक्तिया

राष्ट्पति की शक्तिया अनुच्छेद

Wednesday, March 25, 2020

तत्पुरूष समाज

तत्पुरूष समाज -1.दूसरा पद र्पधान होता है ॥ 2.पहला पद विशेशण होता है ॥ 3.तत्पुरूष समाज के छ: रूप होते है ॥ कर्म तत्पुरूष ,करण तत्पुरूष ,सम्पृदान तत्पुरूष ,अपादान तत्पुरूष ,सम्बन्ध तत्पुरूष ,अधिकरण तत्पुरूष समाज ॥उदाहरण-यशर्पाप्त रसभरी विधालय पापमुक्त भूंकप नराधम अर्धम ॥

No comments:

हनुमान वर्त कथा

भारत शासन अधिनियम 1909,1919,1935

1909 का मारत परिषद् अधिनियम:- यह भारत के संवैधानिक विकास की दिशा में अगला कदम था। इसके जन्मदाता भारत सचिव मार्ले तथा गर्वनर जनरल लार्ड मि...

राष्टपति की शक्तिया